Wednesday, April 22, 2026

National

spot_img

सबकी मिलीभगत का आरोप, पर छात्रों पर हुए शोषण का जिम्मेदार कौन? बृज यूनिवर्सिटी पर फिर उठे गंभीर सवाल

छात्र बोले—फीस वृद्धि, परिणाम गड़बड़ी और वेक/ड्यू पेपर के नाम पर अवैध वसूली… जवाब दे कुलपति त्रिभुवन शर्मा

भरतपुर। महाराजा सूरजमल बृज विश्वविद्यालय एक बार फिर विवादों के केंद्र में है। छात्रों ने यूनिवर्सिटी प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं—फीस में लगातार वृद्धि, परिणामों में गड़बड़ी, वेक/ड्यू पेपर के नाम पर अवैध शुल्क, और प्रशासनिक लापरवाही। छात्रों का कहना है कि इन मुद्दों पर लगातार आवाज़ उठाने के बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई नहीं हो रही।

शुक्रवार को जारी खबरों के बाद तनाव और बढ़ गया, जब यह आरोप सामने आया कि राज्यपाल के आदेश के बावजूद दोषी अफसरों पर कार्रवाई नहीं की गई। कुलगुरु प्रो. त्रिभुवन शर्मा ने बयान देते हुए कहा कि “तीनों अधिकारियों को निलंबित करने से विश्वविद्यालय का कामकाज ठप हो जाएगा।” छात्रों को यह बयान कड़वा लगा और कई छात्र संगठनों ने इसे “बहाना” बताया।

छात्रों का आरोप है कि हर साल फीस बढ़ाई जाती है, रिज़ल्ट महीनों तक लंबित रहते हैं, और वेक/ड्यू पेपर के नाम पर गरीब छात्रों से लाखों नहीं बल्कि करोड़ों रुपये वसूले जाते हैं। उनका कहना है कि “यूनिवर्सिटी पैसा खाकर भी डकार नहीं लेती।” छात्रों ने सीधा सवाल पूछा है—आखिर इन सबका जिम्मेदार कौन है?

NSUI छात्रसंघ ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर भ्रष्ट अधिकारियों और संबंधित कर्मचारियों पर कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। उनका दावा है कि वे पहले भी भ्रष्टाचार के विरोध में अफसरों के पुतले जला चुके हैं और अब हालात और गंभीर हो चुके हैं। “अगर इस बार भी कागजी कार्रवाई में तालमेल बैठाकर भ्रष्टाचारियों को बचाने की कोशिश हुई तो हम किसी को नहीं छोड़ेंगे” NSUI नेताओं का आरोप।

छात्रों का कहना है कि यूनिवर्सिटी प्रशासन की मिलीभगत के कारण हर साल हजारों विद्यार्थी परेशान होते हैं। कई छात्रों ने बताया कि वेक पेपर का शुल्क इतना ज्यादा होता है कि गरीब परिवार भरभराकर टूट जाते हैं। वहीं रिज़ल्ट गड़बड़ी की वजह से कई छात्रों का साल खराब हो रहा है।

यूनिवर्सिटी प्रशासन ने अभी तक इन आरोपों पर कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया है। छात्रों ने मांग की है कि राज्यपाल और उच्च शिक्षा विभाग तत्काल जांच बैठाएं और दोषी अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए।

International

spot_img

सबकी मिलीभगत का आरोप, पर छात्रों पर हुए शोषण का जिम्मेदार कौन? बृज यूनिवर्सिटी पर फिर उठे गंभीर सवाल

छात्र बोले—फीस वृद्धि, परिणाम गड़बड़ी और वेक/ड्यू पेपर के नाम पर अवैध वसूली… जवाब दे कुलपति त्रिभुवन शर्मा

भरतपुर। महाराजा सूरजमल बृज विश्वविद्यालय एक बार फिर विवादों के केंद्र में है। छात्रों ने यूनिवर्सिटी प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं—फीस में लगातार वृद्धि, परिणामों में गड़बड़ी, वेक/ड्यू पेपर के नाम पर अवैध शुल्क, और प्रशासनिक लापरवाही। छात्रों का कहना है कि इन मुद्दों पर लगातार आवाज़ उठाने के बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई नहीं हो रही।

शुक्रवार को जारी खबरों के बाद तनाव और बढ़ गया, जब यह आरोप सामने आया कि राज्यपाल के आदेश के बावजूद दोषी अफसरों पर कार्रवाई नहीं की गई। कुलगुरु प्रो. त्रिभुवन शर्मा ने बयान देते हुए कहा कि “तीनों अधिकारियों को निलंबित करने से विश्वविद्यालय का कामकाज ठप हो जाएगा।” छात्रों को यह बयान कड़वा लगा और कई छात्र संगठनों ने इसे “बहाना” बताया।

छात्रों का आरोप है कि हर साल फीस बढ़ाई जाती है, रिज़ल्ट महीनों तक लंबित रहते हैं, और वेक/ड्यू पेपर के नाम पर गरीब छात्रों से लाखों नहीं बल्कि करोड़ों रुपये वसूले जाते हैं। उनका कहना है कि “यूनिवर्सिटी पैसा खाकर भी डकार नहीं लेती।” छात्रों ने सीधा सवाल पूछा है—आखिर इन सबका जिम्मेदार कौन है?

NSUI छात्रसंघ ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर भ्रष्ट अधिकारियों और संबंधित कर्मचारियों पर कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। उनका दावा है कि वे पहले भी भ्रष्टाचार के विरोध में अफसरों के पुतले जला चुके हैं और अब हालात और गंभीर हो चुके हैं। “अगर इस बार भी कागजी कार्रवाई में तालमेल बैठाकर भ्रष्टाचारियों को बचाने की कोशिश हुई तो हम किसी को नहीं छोड़ेंगे” NSUI नेताओं का आरोप।

छात्रों का कहना है कि यूनिवर्सिटी प्रशासन की मिलीभगत के कारण हर साल हजारों विद्यार्थी परेशान होते हैं। कई छात्रों ने बताया कि वेक पेपर का शुल्क इतना ज्यादा होता है कि गरीब परिवार भरभराकर टूट जाते हैं। वहीं रिज़ल्ट गड़बड़ी की वजह से कई छात्रों का साल खराब हो रहा है।

यूनिवर्सिटी प्रशासन ने अभी तक इन आरोपों पर कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया है। छात्रों ने मांग की है कि राज्यपाल और उच्च शिक्षा विभाग तत्काल जांच बैठाएं और दोषी अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए।

National

spot_img

International

spot_img
RELATED ARTICLES