गढ़मुक्तेश्वर, उत्तर प्रदेश। कार्तिक पूर्णिमा के पावन अवसर पर सोमवार को ब्रजघाट पर आस्था का विशाल सैलाब उमड़ पड़ा। सुबह से ही गंगा तट पर लाखों श्रद्धालु पहुँच रहे थे और पवित्र जल में डुबकी लगाकर माता गंगा का आशीर्वाद प्राप्त कर रहे थे। पूरा क्षेत्र हर-हर गंगे के जयकारों से गूंज उठा और वातावरण पूर्णतः धार्मिक एवं भक्तिमय बना रहा।

देशभर से आए श्रद्धालुओं ने कार्तिक पूर्णिमा के पुण्य काल में स्नान कर अपने परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की। इस बार ब्रजघाट पर भीड़ काफी अधिक रही, लेकिन इसके बावजूद व्यवस्थाएँ बेहतरीन दिखाई दीं। सुरक्षा, साफ-सफाई, बैरिकेडिंग, पार्किंग और यातायात नियंत्रण में प्रशासन की तैयारी स्पष्ट नजर आई।
गंगा तट पर मौजूद श्रद्धालु लखी, रिद्धि और अनया ने बताया कि पिछले वर्षों की तुलना में इस बार घाट पर बेहतर व्यवस्था देखने को मिली। उन्होंने कहा कि स्नान क्षेत्र में पुलिस व स्वयंसेवकों की तैनाती से भीड़ नियंत्रित रही, जिससे श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी नहीं हुई।
घाटों पर बच्चों सहित युवा और बुजुर्ग सभी उत्साहपूर्वक गंगा स्नान करते दिखाई दिए। कई श्रद्धालु नाव से गंगा के मध्य भाग तक गए और परंपरा अनुसार डुबकी लगाई। तट पर छोटे बच्चों के लिए झूले और रंग-बिरंगी मनोरंजन नौकाएँ भी लगी रहीं, जिससे माहौल और भी जीवंत हो गया।
स्नान के बाद श्रद्धालुओं ने गंगा तट पर पूजा-अर्चना करते हुए दीपदान भी किया। पुजारियों ने कार्तिक पूर्णिमा के महत्व और गंगा स्नान की परंपरा का वर्णन किया।
अधिकारियों के अनुसार, इस वर्ष कार्तिक पूर्णिमा पर लगभग 10 लाख से अधिक श्रद्धालुओं के आने का अनुमान है। सुरक्षा के लिए पुलिस, पीएसी और एनडीआरएफ की टीम पूरे दिन सक्रिय रही।
शाम को गंगा आरती के दौरान ब्रजघाट का दृश्य अत्यंत मनमोहक रहा। हजारों दीपों की रोशनी और मंत्रोच्चार से पूरा घाट उज्ज्वल हो उठा। श्रद्धालुओं ने कहा कि गढ़मुक्तेश्वर का ब्रजघाट अब बड़े धार्मिक आयोजनों के लिए सुरक्षित और उपयुक्त स्थल के रूप में उभर रहा है।



