Saturday, June 27, 2026

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स्कूली बच्चों को 3R की शिक्षा पर जोर, कचरे से कला बनाने की पहल तेज

उत्तर प्रदेश में स्कूली बच्चों को 3R और Waste to Art सिखाने पर जोर, योगी आदित्यनाथ की पहल से बढ़ेगी पर्यावरण जागरूकता।

उत्तर प्रदेश में पर्यावरण संरक्षण को लेकर नई सोच के साथ शिक्षा प्रणाली में बदलाव की दिशा में पहल की जा रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्कूली बच्चों को 3R—Reduce, Reuse, Recycle—के बारे में जागरूक करने पर विशेष जोर दिया है। साथ ही “Waste to Art” यानी कचरे से उपयोगी और रचनात्मक वस्तुएं बनाने की अवधारणा को भी बढ़ावा देने की बात कही है

मुख्यमंत्री ने कहा कि बच्चों में शुरू से ही पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करना बेहद जरूरी है। यदि स्कूल स्तर पर ही उन्हें कचरे को कम करना, पुन: उपयोग करना और रिसाइकिल करना सिखाया जाए, तो भविष्य में यह एक स्वच्छ और टिकाऊ समाज की नींव रखेगा।

“Waste to Art” पहल के तहत बच्चों को पुराने और बेकार सामान से नई उपयोगी चीजें और कलात्मक वस्तुएं बनाने के लिए प्रेरित किया जाएगा। इससे उनकी रचनात्मकता बढ़ेगी और पर्यावरण संरक्षण में भी योगदान मिलेगा।

शिक्षा विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि स्कूलों में इस विषय पर विशेष गतिविधियां, वर्कशॉप और प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएं। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की पहल से बच्चों में जागरूकता बढ़ेगी और वे अपने परिवार व समाज को भी प्रेरित करेंगे।

यह कदम न केवल स्वच्छता अभियान को मजबूती देगा बल्कि आने वाली पीढ़ी को जिम्मेदार नागरिक बनाने में भी अहम भूमिका निभाएगा।

International

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स्कूली बच्चों को 3R की शिक्षा पर जोर, कचरे से कला बनाने की पहल तेज

उत्तर प्रदेश में स्कूली बच्चों को 3R और Waste to Art सिखाने पर जोर, योगी आदित्यनाथ की पहल से बढ़ेगी पर्यावरण जागरूकता।

उत्तर प्रदेश में पर्यावरण संरक्षण को लेकर नई सोच के साथ शिक्षा प्रणाली में बदलाव की दिशा में पहल की जा रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्कूली बच्चों को 3R—Reduce, Reuse, Recycle—के बारे में जागरूक करने पर विशेष जोर दिया है। साथ ही “Waste to Art” यानी कचरे से उपयोगी और रचनात्मक वस्तुएं बनाने की अवधारणा को भी बढ़ावा देने की बात कही है

मुख्यमंत्री ने कहा कि बच्चों में शुरू से ही पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करना बेहद जरूरी है। यदि स्कूल स्तर पर ही उन्हें कचरे को कम करना, पुन: उपयोग करना और रिसाइकिल करना सिखाया जाए, तो भविष्य में यह एक स्वच्छ और टिकाऊ समाज की नींव रखेगा।

“Waste to Art” पहल के तहत बच्चों को पुराने और बेकार सामान से नई उपयोगी चीजें और कलात्मक वस्तुएं बनाने के लिए प्रेरित किया जाएगा। इससे उनकी रचनात्मकता बढ़ेगी और पर्यावरण संरक्षण में भी योगदान मिलेगा।

शिक्षा विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि स्कूलों में इस विषय पर विशेष गतिविधियां, वर्कशॉप और प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएं। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की पहल से बच्चों में जागरूकता बढ़ेगी और वे अपने परिवार व समाज को भी प्रेरित करेंगे।

यह कदम न केवल स्वच्छता अभियान को मजबूती देगा बल्कि आने वाली पीढ़ी को जिम्मेदार नागरिक बनाने में भी अहम भूमिका निभाएगा।

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