उत्तर प्रदेश में हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। राप्ती नदी के तटबंध पर अब जलने वाली लाइटें रिन्यूएबल एनर्जी यानी सोलर एनर्जी से संचालित होंगी। इस परियोजना के तहत तटबंध पर सोलर पैनल स्थापित किए गए हैं, जिससे पूरे क्षेत्र में स्वच्छ और सतत ऊर्जा के माध्यम से प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस पहल को प्रदेश के विकास और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़ा कदम बताया है। उन्होंने कहा कि सोलर एनर्जी न केवल बिजली की खपत को कम करेगी बल्कि कार्बन उत्सर्जन को भी घटाने में सहायक होगी।
इस परियोजना से स्थानीय निवासियों और राहगीरों को रात के समय बेहतर रोशनी मिलेगी, जिससे सुरक्षा भी बढ़ेगी। पहले जहां अंधेरे के कारण लोगों को परेशानी होती थी, वहीं अब सोलर लाइटिंग से तटबंध पूरी तरह रोशन रहेगा। साथ ही यह कदम सरकार की ग्रीन एनर्जी नीति को भी मजबूती देता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की पहलें भविष्य में ऊर्जा संकट को कम करने और पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में अहम भूमिका निभाएंगी। यह परियोजना अन्य जिलों के लिए भी एक उदाहरण बन सकती है।



