उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष Akhilesh Yadav ने भाजपा पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि वह पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) की बढ़ती एकता से घबराकर अब उनके परिवारों को निशाना बना रही है।
उन्होंने कहा कि भाजपा पीडीए की मजबूती का मुकाबला नहीं कर पा रही है, इसलिए कथित तौर पर तोड़फोड़ और दबाव की राजनीति पर उतर आई है। उन्होंने चेतावनी दी कि भाजपा अपनी “हताशा” पीडीए परिवारों पर न निकाले और समाज में दरार पैदा करने का प्रयास बंद करे।
अखिलेश यादव ने यह भी कहा कि जिन लोगों के जरिए ऐसे कथित कृत्य कराए जा रहे हैं, वे भी इसी समाज का हिस्सा हैं, इसलिए ऐसे षड्यंत्र अधिक समय तक छिप नहीं सकते। उन्होंने भाजपा पर “सामाजिक विभाजन” फैलाने का आरोप लगाते हुए इसे लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ बताया।
इस बीच, #गाजीपुर_की_बेटी_हत्याकांड को लेकर भी प्रदेश में राजनीतिक माहौल गरमाया हुआ है। विपक्ष इस मामले में निष्पक्ष जांच और कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहा है, जबकि सरकार की ओर से कानून व्यवस्था बनाए रखने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आगामी चुनावों को देखते हुए इस तरह के मुद्दे और अधिक उभर सकते हैं। फिलहाल, इन आरोपों ने प्रदेश की राजनीति को और अधिक गरमा दिया है।



