Wednesday, April 22, 2026

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भरतपुर में घटिया सड़क निर्माण पर ग्रामीणों का उग्र प्रदर्शन, भ्रष्टाचार के आरोप तीखे

शाहपुर–पहरसर मोड़ सड़क निर्माण में घटिया सामग्री के उपयोग का आरोप, ग्रामीणों ने की जांच और गुणवत्तापूर्ण निर्माण की मांग।

भरतपुर जिले के नदबई क्षेत्र के शाहपुर गांव में सड़क निर्माण कार्य को लेकर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगते हुए शनिवार को ग्रामीणों ने उग्र प्रदर्शन किया। ग्रामीणों का कहना है कि एनएच-21 पहरसर मोड़ से शाहपुर तक स्वीकृत सड़क का निर्माण मानकों के अनुरूप नहीं किया जा रहा है। यह सड़क 1 करोड़ 1 लाख 57 हजार 913 रुपये की लागत से 2 किलोमीटर तक बनाई जानी है, लेकिन संवेदक द्वारा अत्यंत निम्न गुणवत्ता की सामग्री का उपयोग किया जा रहा है।

ग्रामीणों के अनुसार सड़क पर डामर की जगह काले तेल में गिट्टी बिछाई जा रही है, जिससे सड़क टिकाऊ नहीं रह पाएगी। इतना ही नहीं, सड़क की चौड़ाई, वर्म और जल निकासी व्यवस्था को भी नजरअंदाज किया गया है। किसानों ने बताया कि खेतों में सिंचाई हेतु पाइपलाइन डालने के लिए जगह–जगह कुलावे नहीं लगाए गए हैं, जिससे भविष्य में किसान सड़क को काटकर पाइपलाइन डालने को मजबूर होंगे।

ग्रामीणों का कहना है कि निर्माण कार्य 11 अप्रैल 2025 तक पूरा होना था, लेकिन संवेदक की हठधर्मिता और लापरवाही के चलते कार्य में देरी के साथ-साथ गुणवत्ता से भी समझौता किया जा रहा है। निर्माण स्थल पर निरीक्षण करने पहुंचे ग्रामीणों ने सड़क की खराब गुणवत्ता दिखाते हुए जोरदार नारेबाजी की और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का ध्यान आकर्षित किया।

ग्रामीणों ने उपखंड अधिकारी सचिन यादव से तत्काल जांच की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी है कि यदि सड़क निर्माण कार्य को मानकों के अनुसार नहीं करवाया गया तो वे नेशनल हाईवे को जाम करने के लिए मजबूर होंगे।

ग्रामीणों में निर्माण एजेंसी और प्रशासन के प्रति भारी रोष व्याप्त है।

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भरतपुर में घटिया सड़क निर्माण पर ग्रामीणों का उग्र प्रदर्शन, भ्रष्टाचार के आरोप तीखे

शाहपुर–पहरसर मोड़ सड़क निर्माण में घटिया सामग्री के उपयोग का आरोप, ग्रामीणों ने की जांच और गुणवत्तापूर्ण निर्माण की मांग।

भरतपुर जिले के नदबई क्षेत्र के शाहपुर गांव में सड़क निर्माण कार्य को लेकर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगते हुए शनिवार को ग्रामीणों ने उग्र प्रदर्शन किया। ग्रामीणों का कहना है कि एनएच-21 पहरसर मोड़ से शाहपुर तक स्वीकृत सड़क का निर्माण मानकों के अनुरूप नहीं किया जा रहा है। यह सड़क 1 करोड़ 1 लाख 57 हजार 913 रुपये की लागत से 2 किलोमीटर तक बनाई जानी है, लेकिन संवेदक द्वारा अत्यंत निम्न गुणवत्ता की सामग्री का उपयोग किया जा रहा है।

ग्रामीणों के अनुसार सड़क पर डामर की जगह काले तेल में गिट्टी बिछाई जा रही है, जिससे सड़क टिकाऊ नहीं रह पाएगी। इतना ही नहीं, सड़क की चौड़ाई, वर्म और जल निकासी व्यवस्था को भी नजरअंदाज किया गया है। किसानों ने बताया कि खेतों में सिंचाई हेतु पाइपलाइन डालने के लिए जगह–जगह कुलावे नहीं लगाए गए हैं, जिससे भविष्य में किसान सड़क को काटकर पाइपलाइन डालने को मजबूर होंगे।

ग्रामीणों का कहना है कि निर्माण कार्य 11 अप्रैल 2025 तक पूरा होना था, लेकिन संवेदक की हठधर्मिता और लापरवाही के चलते कार्य में देरी के साथ-साथ गुणवत्ता से भी समझौता किया जा रहा है। निर्माण स्थल पर निरीक्षण करने पहुंचे ग्रामीणों ने सड़क की खराब गुणवत्ता दिखाते हुए जोरदार नारेबाजी की और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का ध्यान आकर्षित किया।

ग्रामीणों ने उपखंड अधिकारी सचिन यादव से तत्काल जांच की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी है कि यदि सड़क निर्माण कार्य को मानकों के अनुसार नहीं करवाया गया तो वे नेशनल हाईवे को जाम करने के लिए मजबूर होंगे।

ग्रामीणों में निर्माण एजेंसी और प्रशासन के प्रति भारी रोष व्याप्त है।

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