Saturday, June 20, 2026

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गाज़ियाबाद, 04 नवम्बर 2025: हिंडन बैराज बना बेबस जानवरों का कब्रगाह — विभागों की लापरवाही से बढ़ रही बेजुबानों की पीड़ा

नगर निगम, पशुपालन व वन विभाग तथा नहर विभाग के बीच तालमेल की कमी से लगातार हो रही घटनाएँ, प्रशासनिक जिम्मेदारी पर उठे सवाल


उत्तर प्रदेश के गाज़ियाबाद जनपद में हिंडन बैराज क्षेत्र इन दिनों बेजुबान जानवरों के लिए कब्रगाह बनता जा रहा है। थाना विजयनगर क्षेत्र अंतर्गत आने वाले इस क्षेत्र में आए दिन घायल, बीमार या मृत जानवरों के दृश्य स्थानीय लोगों के लिए आम हो चुके हैं। मंगलवार को हिंडन बैराज के पास पानी में एक मृत पशु का शव मिलने से क्षेत्र में हड़कंप मच गया।

स्थानीय निवासियों ने बताया कि कई बार इस तरह की घटनाओं की जानकारी नगर निगम, पशुपालन विभाग और वन विभाग को दी जा चुकी है, लेकिन किसी भी विभाग ने अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया। विभागों के बीच जिम्मेदारी तय न होने के कारण तत्काल कार्रवाई नहीं होती और निर्दोष पशु पीड़ा झेलते रहते हैं।

सबसे चिंताजनक बात यह है कि कुछ अधिकारी कॉल रिसीव तक नहीं करते और जिम्मेदारी एक-दूसरे पर डाल देते हैं। यह न केवल प्रशासनिक लापरवाही का उदाहरण है बल्कि मानवीय संवेदनाओं की भी अवहेलना है।

स्थानीय लोगों ने बताया कि इस मृत पशु की पुष्टि करना भी कठिन रहा कि यह गाय थी या कोई अन्य जानवर, क्योंकि शव कई घंटों से पानी में पड़ा था और सड़ने लगा था। यह स्थिति न केवल दयनीय है बल्कि क्षेत्र में बीमारियों और प्रदूषण का खतरा भी बढ़ा रही है।

पर्यावरण विशेषज्ञों का कहना है कि नदी या नहर के पास मृत पशुओं का फेंका जाना जल गुणवत्ता को प्रभावित करता है और आसपास के क्षेत्रों में संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ जाता है।

लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि हिंडन बैराज क्षेत्र में एक “आपात पशु रेस्क्यू टीम” का गठन किया जाए, जो ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई कर सके। साथ ही, नगर निगम, वन विभाग, नहर विभाग और पशुपालन विभाग के बीच समन्वय स्थापित किया जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

हिंडन बैराज की यह स्थिति सरकार और प्रशासन दोनों के लिए चेतावनी है कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई, तो यह स्थान न केवल बेजुबानों का कब्रिस्तान बनेगा, बल्कि मानव स्वास्थ्य के लिए भी खतरा बन सकता है।

International

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गाज़ियाबाद, 04 नवम्बर 2025: हिंडन बैराज बना बेबस जानवरों का कब्रगाह — विभागों की लापरवाही से बढ़ रही बेजुबानों की पीड़ा

नगर निगम, पशुपालन व वन विभाग तथा नहर विभाग के बीच तालमेल की कमी से लगातार हो रही घटनाएँ, प्रशासनिक जिम्मेदारी पर उठे सवाल


उत्तर प्रदेश के गाज़ियाबाद जनपद में हिंडन बैराज क्षेत्र इन दिनों बेजुबान जानवरों के लिए कब्रगाह बनता जा रहा है। थाना विजयनगर क्षेत्र अंतर्गत आने वाले इस क्षेत्र में आए दिन घायल, बीमार या मृत जानवरों के दृश्य स्थानीय लोगों के लिए आम हो चुके हैं। मंगलवार को हिंडन बैराज के पास पानी में एक मृत पशु का शव मिलने से क्षेत्र में हड़कंप मच गया।

स्थानीय निवासियों ने बताया कि कई बार इस तरह की घटनाओं की जानकारी नगर निगम, पशुपालन विभाग और वन विभाग को दी जा चुकी है, लेकिन किसी भी विभाग ने अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया। विभागों के बीच जिम्मेदारी तय न होने के कारण तत्काल कार्रवाई नहीं होती और निर्दोष पशु पीड़ा झेलते रहते हैं।

सबसे चिंताजनक बात यह है कि कुछ अधिकारी कॉल रिसीव तक नहीं करते और जिम्मेदारी एक-दूसरे पर डाल देते हैं। यह न केवल प्रशासनिक लापरवाही का उदाहरण है बल्कि मानवीय संवेदनाओं की भी अवहेलना है।

स्थानीय लोगों ने बताया कि इस मृत पशु की पुष्टि करना भी कठिन रहा कि यह गाय थी या कोई अन्य जानवर, क्योंकि शव कई घंटों से पानी में पड़ा था और सड़ने लगा था। यह स्थिति न केवल दयनीय है बल्कि क्षेत्र में बीमारियों और प्रदूषण का खतरा भी बढ़ा रही है।

पर्यावरण विशेषज्ञों का कहना है कि नदी या नहर के पास मृत पशुओं का फेंका जाना जल गुणवत्ता को प्रभावित करता है और आसपास के क्षेत्रों में संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ जाता है।

लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि हिंडन बैराज क्षेत्र में एक “आपात पशु रेस्क्यू टीम” का गठन किया जाए, जो ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई कर सके। साथ ही, नगर निगम, वन विभाग, नहर विभाग और पशुपालन विभाग के बीच समन्वय स्थापित किया जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

हिंडन बैराज की यह स्थिति सरकार और प्रशासन दोनों के लिए चेतावनी है कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई, तो यह स्थान न केवल बेजुबानों का कब्रिस्तान बनेगा, बल्कि मानव स्वास्थ्य के लिए भी खतरा बन सकता है।

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